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पटना: निशांत कुमार को लेकर कांग्रेस का बीजेपी पर हमला

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बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मची है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जदयू नेता निशांत कुमार को लेकर बिहार कांग्रेस ने बीजेपी पर बड़ा हमला किया है। कांग्रेस के नेता और मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने शुक्रवार को बयान जारी करते हुए कहा कि नीतीश कुमार खुद “निपट गए” हैं और अब उनकी राजनीतिक साजिश में उनके बेटे निशांत को भी निशाना बनाया जा रहा है।
राजेश राठौड़ का बयान: बीजेपी पर तंज
राजेश राठौड़ ने कहा कि अखबारों में छपी खबर बिहार के लोगों के लिए नई है। उनका कहना है कि नीतीश कुमार का 50 वर्षीय पुत्र निशांत कुमार, जो वर्षों से उनके घर पर ही रह रहे हैं और परिवार की रोटी पर पल रहे हैं, उन्होंने 26 मार्च को अपने पिता से बंद कमरे में मुलाकात की। राठौड़ ने सवाल उठाया कि निशांत कहां से आए, क्या वे किसी काम से बाहर गए थे या सिर्फ बातचीत करने आए। उनका मानना है कि बीजेपी की यह एक बड़ी साजिश है, ताकि नीतीश कुमार के साथ-साथ उनके बेटे को भी राजनीति में “निपटा” दिया जाए।
“पहले तो नीतीश कुमार को निपटाया गया, अब उनके बेटे को भी सत्ता में जगह मिलने से पहले ही निशाना बनाया जा रहा है।” – राजेश राठौड़, बिहार कांग्रेस नेता
बीजेपी पर साजिश का आरोप
राजेश राठौड़ ने आगे आरोप लगाया कि निशांत कुमार 50 वर्ष के हैं और 20 साल से पिता के घर पर ही रह रहे हैं। उनका कहना है कि अगर निशांत ने अपने पिता से मुलाकात की, तो इसे इतना बड़ा मुद्दा बनाना राजनीति की साजिश है। राठौड़ ने कहा कि अखबारों में प्रकाशित रिपोर्ट्स यह दिखाती हैं कि बीजेपी की मंशा केवल नीतीश कुमार या उनके परिवार को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि उनकी साख और जदयू की राजनीति को भी कमजोर करना है।
“नीतीश कुमार को तीन बार सरकार बनाने का मौका मिला, लेकिन उनके शासनकाल में प्रदेश के उद्योग और विकास प्रभावित हुए। उन्होंने चीनी मिलें बंद करवाईं और कई उद्योग स्थापित नहीं होने दिए। ऐसे में उनके बेटे की सक्रियता पर सवाल उठाना राजनीतिक चाल का हिस्सा लगता है।” – राजेश राठौड़
निशांत कुमार की सक्रियता और पिता से मुलाकात
जानकारी के अनुसार, निशांत कुमार ने 26 मार्च को मुख्यमंत्री आवास में अपने पिता से मुलाकात की। इससे पहले वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिल चुके थे और जदयू में सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं। उनकी भूमिका पार्टी के स्थानीय और राज्य स्तरीय नेताओं से संपर्क साधने में देखी जा रही है।
निशांत की इस सक्रियता को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी इस अवसर का इस्तेमाल कर निशांत की छवि को निशाना बना रही है।
राजनीति में असर और प्रतिक्रिया
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान और मुलाकात राजनीतिक ताकत के संकेत दे रही है। निशांत कुमार की बढ़ती सक्रियता जदयू के भीतर बदलाव की संभावनाओं को भी दर्शाती है। वहीं कांग्रेस इसे बीजेपी की साजिश के रूप में पेश कर रही है।
राजेश राठौड़ ने कहा कि जनता को सचेत रहना चाहिए और राजनीतिक साजिशों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उनका कहना है कि मीडिया में प्रकाशित खबरों को इस संदर्भ में समझना जरूरी है कि यह केवल परिवार के निजी मामलों का मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक चाल का हिस्सा है।
निष्कर्ष
बिहार की राजनीति में हमेशा से परिवार और सत्ता के रिश्तों पर ध्यान दिया गया है। निशांत कुमार के पिता नीतीश कुमार के प्रभाव और उनकी जदयू में सक्रियता को देखते हुए यह बयान और मुलाकात राजनीतिक दांव-पेंच को दर्शाती है। कांग्रेस के आरोपों और बीजेपी की प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि बिहार में आगामी समय में राजनीतिक बहस और मीडिया कवरेज की तेज़ी बढ़ने वाली है।
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